First अप्रैल कर्तव्य दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए जिस तरह एक मई मजदूर दिवस मनाते हैं
लोगों ने एक अप्रैल को मूर्ख दिवस घोषित कर दिया है।
असेंबली आफ एमपी जर्नलिस्ट्स एक अप्रैल को कर्तव्य दिवस के रूप में मनायेगा।
पत्रकारों का आमजनता के लिए जो कर्तव्य है उनको हम आज अपना जो कर्तव्य है उसी रुप में मनाएं मतलब सही घटना को आम नागरिक तक पहुंचाएं।
दूसरा कर्तव्य है स्वयं के लिए कि हम अब केंद्र सरकार के नये श्रम कानून के तहत अपने मीडिया संस्थानों से नियुक्ति पत्र एवं वेतन मांगें।
आप अपने मीडिया संस्थान से भिक्षुक की तरह नहीं अपितु अपनी मेहनत और अपनी जान जोखिम में डालकर पता नहीं कितने लोगों से दुरी बनाए जा रहे हैं।
ठंड गर्मी और बर्षा को नहीं देखकर अपने संस्थान के लिए समाचार बंडल उठाने वाले मजदूर की तरह समाचार का बंडल उठाकर उसकी एक प्रति पाठक तक सुबह सुबह पहुंचाते हैं।
उस संथान के लिए विज्ञापन हेतु दफ्तर दफ्तर, अफसर अफसर तक जाते हैं और फिर दो काम अर्थ के रहते हैं समाचार पत्र की राशि और विज्ञापन की राशि एकत्रित कर अपने मीडिया संस्थान को भेजते हैं के एवज में एक बहुत ही बड़ा तमगा हासिल होता है कि हम अपने शहर में पत्रकार की श्रेणी में आते हैं।
दोस्तों अब केंद्र सरकार आपके साथ है अभी तक सिर्फ प्रिंट मीडिया को श्रम कानून में माना जाता था और अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने वाले पत्रकारों और गैर पत्रकारों को भी सामिल कर लिया है।
हम अपने मीडिया संस्थान के मालिक से लड़ना नहीं है परंतु अपने हक की बात तो कहानी ही चाहिए।
एक अप्रैल कर्तव्य दिवस जिंदाबाद।
राधावल्लभ शारदा
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