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विधानसभा पत्रकार प्रवेश व्यवस्था में हो व्यापक सुधार, फोटोयुक्त एवं संस्थान-नाम अंकित प्रवेश पत्र हों अनिवार्य: राधावल्लभ शारदा*

*विधानसभा पत्रकार प्रवेश व्यवस्था में हो व्यापक सुधार, फोटोयुक्त एवं संस्थान-नाम अंकित प्रवेश पत्र हों अनिवार्य: राधावल्लभ शारदा*

भोपाल से नरेश बाथम की रपट

19 जुलाई 2026 मध्य प्रदेश शासन से संबद्ध मध्य प्रदेश श्रम सलाहकार परिषद के सदस्य एवं असेंबली ऑफ़ एमपी जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने आगामी विधानसभा सत्रों के लिए पत्रकारों की प्रवेश व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए विधानसभा अध्यक्ष को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जारी किए जाने वाले प्रवेश पत्रों में केवल नाम ही नहीं, बल्कि संबंधित समाचार संस्थान का नाम तथा पत्रकार का फोटो भी अनिवार्य रूप से अंकित किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके और किसी भी प्रकार की अनधिकृत घुसपैठ की संभावना समाप्त हो।

राधावल्लभ शारदा ने कहा कि विधानसभा में पत्रकारों का प्रवेश निर्धारित नियमों एवं पात्रता के आधार पर ही दिया जाता है। इसलिए प्रवेश पत्र बनाने की प्रक्रिया सत्र प्रारंभ होने से कम से कम एक माह पूर्व प्रारंभ कर दी जानी चाहिए, जिससे सभी आवश्यक दस्तावेजों का समय पर परीक्षण एवं सत्यापन हो सके और अंतिम समय में किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

उन्होंने बताया कि वर्तमान अधिमान्यता नियमों के अनुसार पत्रकारों को अधिमान्यता प्राप्त करने के लिए समाचार संस्थान का नियुक्ति पत्र, तीन माह के वेतन संबंधी दस्तावेज, पुलिस सत्यापन तथा अधिमान्यता समिति की अनुशंसा जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद व्यवहारिक स्तर पर अनेक समाचार संस्थानों में केंद्रीय श्रम कानूनों के पालन में गंभीर विसंगतियाँ देखने को मिलती हैं। अधिकांश संस्थान श्रम कानूनों की जिम्मेदारियों से बचने के लिए स्वयं अथवा अपने परिजनों के नाम पर अधिमान्यता की अनुशंसा कर देते हैं, जबकि वास्तविक रूप से कार्यरत पत्रकारों को उनका अधिकार नहीं मिल पाता।

उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के षोडश विधानसभा के एकादश सत्र के लिए वर्तमान में संस्थान द्वारा जारी फोटोयुक्त परिचय पत्र एवं जनसंपर्क विभाग का अधिमान्यता कार्ड मांगा गया है, लेकिन विधानसभा द्वारा जारी प्रवेश पत्र स्वयं फोटोयुक्त नहीं होने से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

राधावल्लभ शारदा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी पत्रकार का विधानसभा प्रवेश पत्र कहीं गिर जाए अथवा किसी असामाजिक तत्व के हाथ लग जाए, तो उसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्मरण कराया कि अतीत में लोकसभा में भी इस प्रकार की घटना सामने आ चुकी है, जिसके बाद पत्रकार संगठनों ने फोटोयुक्त प्रवेश पत्र लागू करने की मांग उठाई थी। दुर्भाग्यवश आज तक इस दिशा में कोई व्यापक एवं स्थायी सुधार लागू नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटना केवल लोकसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों की विधानसभाओं में भी इस प्रकार का सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकता है। इसलिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।

राधावल्लभ शारदा ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि भविष्य के सभी विधानसभा सत्रों में फोटोयुक्त, क्यूआर कोड युक्त तथा संबंधित समाचार संस्थान का नाम अंकित सुरक्षित प्रवेश पत्र जारी किए जाएँ। साथ ही प्रवेश पत्रों के निर्माण की प्रक्रिया समय से प्रारंभ कर दस्तावेजों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि इससे विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, वास्तविक पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित होगी तथा किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा प्रवेश पत्र के दुरुपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त की जा सकेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा अध्यक्ष पत्रकारों एवं विधानसभा की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्णय अवश्य लेंगे, जिससे लोकतंत्र के इस सर्वोच्च मंच की गरिमा और सुरक्षा दोनों और अधिक सशक्त हो सकें।

 

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