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भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की शुरुआत स्वयं की सत्यनिष्ठा और आचरण से जरूरी: – ऋषि कुमार शुक्ला*

*भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की शुरुआत स्वयं की सत्यनिष्ठा और आचरण से जरूरी: – ऋषि कुमार शुक्ला*

*भोपाल से राधावल्लभ शारदा द्वारा संपादित रपट, टिप्पणी – मेरा देश की न्यायपालिका से निवेदन है कि भ्रष्टाचार को खत्म करना है तो पहला काम रिश्वत लेते पकड़े गए व्यक्ति को सेवा मुक्त किया जाए दूसरा काम आखिर यह भी देखना होगा कि रिश्वत क्यों दी जा रही है उसकी भी खोज करना जरूरी है, किसी भी मामले को हल करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए। निर्धारित अवधि में काम नहीं किया गया है तो यह तय है कि मामले में रिश्वत का लेन-देन तय है यह मैं दावे से कह रहा हूं। देश की संसद के सदस्यों को एक होकर इस तरह का कानून बनाना चाहिए।*
बीएमएचआरसी में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का समापन, भ्रष्टाचार रोकने के लिए व्यक्तिगत आचरण और जवाबदेही पर दिया जोर
*भोपाल* । आईसीएमआर-भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में 26 अक्टूबर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। समापन समारोह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीबीआई के पूर्व निदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला थे।
मुख्य अतिथि श्री ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की शुरुआत स्वयं की सत्यनिष्ठा और आचरण से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल तकनीक से भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो सकता। इसके लिए निवारक सतर्कता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेह नेतृत्व जरूरी है। सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में स्वतंत्र निगरानी और नियमित समीक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान की विश्वसनीयता बेहतर सेवाओं, कर्मचारियों के ईमानदार व्यवहार और शिकायतों के निष्पक्ष निराकरण से बनती है। नैतिकता को केवल सिखाना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में अपनाना आवश्यक है।
बीएमएचआरसी की निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सा संस्थान में सत्यनिष्ठा का अर्थ मरीजों को सही उपचार देना, उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार रखना और चिकित्सा नैतिकता एवं निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करना भी है। उन्होंने बीएमएचआरसी के वर्तमान एवं पूर्व सतर्कता अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान में सतर्कता संबंधी लंबित मामलों की संख्या बहुत कम होना सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निराकरण और मरीजों से सीधे संवाद को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटरीकरण एवं वेब आधारित सॉफ्टवेयर से संस्थान में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
संस्थान की सतर्कता अधिकारी एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की समन्वयक डॉ. रोमा रस्तोगी ने सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान पारदर्शिता की शपथ, जागरूकता रैली, स्वच्छता मित्रों के लिए हेल्थ कैंप, श्री राहुल अग्रवाल की सीसीएस रूल्स पर विशेषज्ञ वार्ता, रक्तदान शिविर तथा भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग यादव ने आभार प्रदर्शन किया।
समारोह में मुख्य अतिथि एवं निदेशक ने भाषण और पोस्टर प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक, अधिकारी, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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