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जनगणना में घर, गाड़ी या संपत्ति की जानकारी छिपाई तो होगी तीन साल की जेल, जुर्माना भी लगेगा

जनगणना में घर, गाड़ी या संपत्ति की जानकारी छिपाई तो होगी तीन साल की जेल, जुर्माना भी लगेगा

 

जनगणना में किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाने पर तीन साल की जेल और एक हजार रुपये जुर्माना लग सकता है। जबकि जनगणना में प्राप्त तथ्यों को कोई प्रगणक बाहर साझा करता है तो आरोप साबित होने पर भी दंड का प्रावधान है।

जनगणना में घर, गाड़ी या संपत्ति की जानकारी छिपाई तो होगी तीन साल की जेल, जुर्माना भी लगेगा
जनगणना में किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत एक हजार रुपये जुर्माना एवं तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में उत्तरदाता एवं प्रगणक के लिए दंड का एक समान प्रावधान है, जबकि जनगणना में प्राप्त तथ्यों को कोई प्रगणक बाहर साझा करता है तो आरोप साबित होने पर भी दंड का प्रावधान है। अनियमितता पाई जाएगी तो प्रगणक जिम्मेदार होंगे। वहीं किसी ब्लॉक में रहने वालों की संख्या बहुत कम होगी तो संदेह के आधार पर फिर पुनरीक्षण कराया जा सकता है।

जनगणना में प्रगणक घर-घर जाएंगे और भौतिक सत्यापन करके ही फीडिंग करेंगे। यदि किसी का बड़ा मकान है और उसने कमरे की संख्या कम बता दी है तो जनगणना कर्मी उसकी जांच करेंगे। यदि किसी के घर में दो या तीन कारें हैं और मकान मालिक उसमें एक ही कार को अपना बता रहा है तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सहित अन्य माध्यम से भी जांच की जाएगी।

जनगणना में तथ्य छिपाया तो होगी तीन साल की जेल
इसे लेकर जिला जनगणना अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि जनगणना में किसी को चल-अचल संपत्ति छिपाने की आवश्यकता नहीं है। इसके तथ्यों से आयकर एवं अन्य सुविधाओं का कोई सरोकार नहीं है। जनगणना के दौरान किसी विवाद के बाद आरोप साबित होने पर जनगणना अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
जनगणना फॉर्म में हैरान कर देने वाले सवाल
वहीं, जनगणना के लिए भरे जाने वाले फॉर्म में कई सवाल और सही विकल्प हैरान कर देने वाले हैं। 34 सवालों में से एक सवाल यह भी है कि आपकी पत्नी कितनी हैं? अगर पत्नी दो होंगी तो डबल फैमिली यानी दो दंपति का विकल्प भरना होगा। अगर एक महिला के दो पति हों तो सिंगल फैमिली यानी एक दंपति माना जाएगा।

किसी भी परिवार में दंपति की गणना पत्नी की संख्या से ही निर्धारित होगी। जितनी पत्नियां, उतने ही दंपति। परिवार में दादा-दादी, पिता-माता और पुत्र-बहू हों तो इसका मतलब यह नहीं कि मुखिया वही होगा जो बड़ा होगा। यानी जरूरी नहीं है कि दादा या पिता ही मुखिया हों, कोई भी हो सकता है। परिवार के सदस्य जिसे मुखिया बताएंगे, वही फॉर्म में भरा जाएगा। जनगणना के लिए फॉर्म पूरी स्टडी से तैयार किया गया है। परिवार में चाहे जितने पुरुष और चाहे जितने उम्रदराज लोग हों, उन्होंने कहा कि बहू, पत्नी, दादी या पुत्री मुखिया है तो उसका ही नाम भरा जाएगा। परिवार की मुखिया उस परिवार की कोई भी महिला हो सकती है। मुखिया के लिए उम्र की सीमा नहीं है।

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