जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कृषक हित, शैक्षणिक वातावरण एवं प्रशासनिक नियमों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा व्यापक मामला है, जिस पर उच्च स्तर से तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है
भोपाल से राधावल्लभ शारदा द्वारा संपादित रपट
विषय: ग्राम बाबई जोड़ क्षेत्र में संचालित “स्टारबेब एंटरप्राईजेस (राईसमिल)” द्वारा नियमों के विपरीत संचालन, बाड़ी–बुधनी मार्ग के अत्यंत समीप औद्योगिक गतिविधि, शैक्षणिक संस्थानों के निकट प्रदूषण फैलाव, कृषकों की फसलों को हो रहे नुकसान एवं वैधानिक अनुमतियों की संदिग्ध स्थिति के संबंध में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप एवं कार्यवाही कराए जाने बाबत।
मेरे पास पत्र आया। जैसा का तैसा प्रस्तुत।
सविनय निवेदन है कि जिला रायसेन की तहसील बाड़ी अंतर्गत ग्राम बाबई जोड़ क्षेत्र में संचालित “स्टारबेब एंटरप्राईजेस (राईसमिल)” के संबंध में क्षेत्रीय किसानों, ग्रामीणों एवं आमजन द्वारा निरंतर गंभीर शिकायतें की जा रही हैं, जो कि अब जनहित, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय बन चुका है।
उक्त राइस मिल से निरंतर निकलने वाली धूल, भूसी एवं कणीय अपशिष्ट आसपास के कृषि क्षेत्रों में फैल रहे हैं, जिससे किसानों की खड़ी फसल प्रभावित हो रही है तथा उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल कृषक हितों के विरुद्ध है, बल्कि पर्यावरणीय मानकों के भी विपरीत प्रतीत होती है।
उक्त औद्योगिक इकाई बाड़ी–बुधनी मुख्य मार्ग के अत्यंत समीप स्थित है तथा ग्रामीण आबादी एवं सार्वजनिक आवागमन क्षेत्र के भी निकट है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस प्रकार की औद्योगिक गतिविधि के संचालन हेतु निर्धारित सुरक्षा एवं दूरी संबंधी मानकों का पालन किया जाना आवश्यक होता है, जो इस प्रकरण में संदिग्ध है।
विशेष रूप से यह अत्यंत गंभीर तथ्य है कि उक्त राइस मिल के निकट गुरुकुल पद्धति विद्यालय संचालित है तथा कुछ दूरी पर जवाहर नवोदय विद्यालय स्थित है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसी स्थिति में निरंतर फैल रहा प्रदूषण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, विशेषकर श्वसन तंत्र एवं अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
यह भी अवगत कराना है कि ग्राम पंचायत द्वारा उक्त राइस मिल से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), कर निर्धारण एवं अन्य वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया था, परंतु निर्धारित समयावधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। तत्पश्चात प्रकरण जनपद पंचायत स्तर पर प्रेषित किया गया, जहां से भी रिमाइंडर जारी किया गया, किन्तु अभी तक आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे उक्त इकाई का संचालन पूर्णतः संदिग्ध एवं नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
साथ ही यह भी परीक्षण का विषय है कि संबंधित भूमि पर औद्योगिक उपयोग हेतु विधिवत भूमि उपयोग परिवर्तन (Diversion) की अनुमति प्राप्त की गई है या नहीं, क्योंकि बिना अनुमति कृषि भूमि पर औद्योगिक गतिविधि संचालित किया जाना मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उपरोक्त समस्त तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि यह प्रकरण केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कृषक हित, शैक्षणिक वातावरण एवं प्रशासनिक नियमों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा व्यापक मामला है, जिस पर उच्च स्तर से तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि—
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए इसे प्राथमिकता से उठाते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक प्रभावी रूप से प्रेषित किया जाए।
राजस्व, पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा स्थल का तत्काल निरीक्षण कराया जाए।
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