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जनजातीय कल्याण का स्वर्णिम अध्याय: राज्यपाल मंगू भाई पटेल

जनजातीय कल्याण का स्वर्णिम अध्याय: राज्यपाल मंगु भाई पटेल
स्वास्थ्य और पशुपालन योजनाओं को मिली नई दिशा
कन्हारीकला में आयोजित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना और स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रम में शामिल हुए

मंडला, 1 अप्रैल 2026

दीप्ति कौर की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार की प्राथमिकता जनजातीय वर्ग का समग्र विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में चल रही स्वास्थ्य एवं विकास योजनाएं इसी का उदाहरण है। वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का स्वर्णिम काल है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना जनजातीय समाज के समग्र विकास और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह बात राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल ने बिछिया विकासखंड के कन्हारीकला में आयोजित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना एवं स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए कही। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम की शुरूआत में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का भी सामूहिक गायन किया गया।
कार्यक्रम में मंडला जिले के 50, डिंडौरी जिले के 24 एवं बालाघाट जिले के 20 बैगा जनजाति के कुल 94 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत पशु प्रदान किए। साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए।

पशुपालन से आय बढ़ाने का संदेश

राज्यपाल श्री पटेल ने पशुपालकों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्नत नस्ल के पशुओं से प्रतिदिन लगभग 9 लीटर तक दूध उत्पादन संभव है, जिससे करीब 500 रुपये प्रतिदिन की आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पशुओं की देखभाल बच्चों की तरह ही करनी चाहिए। समय पर चारा, पानी और बीमारी होने पर दवाइयों का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले बच्चों के पोषण के लिए दूध का उपयोग करें, जिससे कुपोषण दूर होगा, और उसके बाद अतिरिक्त दूध बेचकर आय बढ़ाएं।

सिकल सेल उन्मूलन और स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर

राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसकी समय पर जांच और नियमित दवाई से नियंत्रण संभव है। प्रदेश में बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 28 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है। मंडला में 28 हजार से अधिक वाहक हैं, जबकि लगभग 3 हजार सिकल सेल एनीमिया की बीमारी से पीड़ित हैं।

डिजिटल कार्ड और भविष्य सुरक्षा का संदेश

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल जांच के लिए डिजिटल कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में बीमारी की पहचान और रोकथाम आसान होगी। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों के विवाह के समय सिकल सेल डिजिटल कार्ड का मिलान अवश्य करें। अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से अब गर्भस्थ शिशु की सिकलसेल संबंधित जांच संभव है। साथ ही, नवजात शिशुओं की प्रसूति के 72 घंटे के भीतर भी जांच संभव है, जिसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है। इससे बच्चों का केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित होगा। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनजातीय क्षेत्रों में जाकर लोगों को बीमारी के लक्षण और जांच के महत्व के बारे में जागरूक करें।

जनजातीय संस्कृति और नृत्य दल का किया उत्साहवर्धन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्री पटेल ने बैगा जनजातीय नृत्य दल का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित और प्रोत्साहित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में विकास, स्वास्थ्य, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का समन्वित स्वरूप देखने को मिला, जिसने क्षेत्रीय विकास की दिशा को और मजबूत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केबिनेट मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्रीमती सम्पतिया उइके ने उपस्थित सभी हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि आसपास के जिलों से भी लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में निरंतर जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं, जिनका सीधा लाभ जनजातीय समाज को मिल रहा है।
मंत्री श्रीमती उइके ने राज्यपाल श्री पटेल का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मंडला जिले में लगातार उपस्थिति यह दर्शाती है कि वे स्वयं यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की योजनाएं धरातल पर सही तरीके से लागू हो रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल जनजातीय समाज के खान-पान, रहन-सहन और स्वास्थ्य की लगातार चिंता करते हैं, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया के विषय में कहा कि पहले जनजातीय क्षेत्रों में इस बीमारी की जानकारी नहीं हो पाती थी, लेकिन अब लगातार जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन शिविरों में जाकर अपनी जांच अवश्य कराएं।
मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए “लखपति दीदी” जैसी पहल के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि किसान केवल खेती तक सीमित न रहें, बल्कि पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी अपनाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि पशु विभाग द्वारा प्रदाय किए गए पशुओं की उचित देखभाल करना भी आवश्यक है।
पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा कि आज का दिन जनजातीय समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण कदम है, जो एक नई शुरुआत का प्रतीक है। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल द्वारा जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य सदैव याद रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि पशुपालकों के परिवारों को जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने का प्रयास किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पटेल ने कहा कि दुग्ध उत्पादन न केवल आय का स्त्रोत है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। मंडला सहित आसपास के जिलों के बैगा परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे पशुओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, समय-समय पर टीकाकरण कराएं और पशुओं का बीमा भी कराएं, ताकि किसी भी स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।

राज्यपाल श्री पटेल एवं मंत्रीद्वय ने किया हितलाभ वितरण

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्री पटेल एवं मंत्रीद्वय ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत श्रीमती जयंती बाई बमनिया एवं श्रीमती बसंती कुकरिया को प्रमाण पत्र प्रदान किए। वहीं श्री सचिन बाजपेयी को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 11 लाख 40 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत अर्चना यादव को सिकल सेल कार्ड, श्रीमती मंगलवती भारतीय को टीबी फूड बास्केट तथा अभिलाषा धुर्वे को एचवीपी प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इसके साथ ही श्री प्रेम सिंह पन्द्रे को वन काष्ठ लाभांश प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बैगा समाज के प्रतिनिधि द्वारा राज्यपाल श्री पटेल का पारंपरिक तरीके से सम्मान भी किया गया।
इस दौरान कन्हारीकला की 15 वर्षीय अर्चना यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह बार-बार बीमार पड़ती थीं, जिसके बाद अस्पताल में जांच के दौरान सिकल सेल बीमारी की पहचान हुई। नियमित दवा और उपचार के साथ अब उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से उन्हें समय पर उपचार और मार्गदर्शन मिला, जिससे उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आया। कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल श्री पटेल ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान यहां मौजूद ग्रामीण महिला के बच्चों राज धुर्वे एवं रूबी धुर्वे को दुलार करते हुए उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने की बात की।

जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, बिछिया विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा, नगर परिषद बिछिया अध्यक्ष श्रीमती रजनी मरावी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, श्री प्रफुल्ल मिश्रा, जनपद अध्यक्ष बिछिया शकुना उइके, सरपंच श्रीमती शालिनी उइके सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, कमिश्नर जबलपुर संभाग श्री धनंजय सिंह, आईजी श्री ललित साक्यवार, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा, अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, एसमडीएम बिछिया सुश्री सोनाली देव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही एवं ग्रामीणजन मौजूद थे।

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