Breaking News

भारतीय मन हर स्थिति में “राम” को साक्षी बनाने का आदी है।
दुःख में —
“हे राम”
पीड़ा में —
“अरे राम”
लज्जा में —
“हाय राम”
अशुभ में —
“अरे राम राम”
अभिवादन में–
“राम राम”
शपथ में–
“राम दुहाई”
अज्ञानता में —
“राम जाने”
अनिश्चितता में —
“राम भरोसे”
अचूकता के लिए–
“रामबाण”
सुशासन के लिए–
“रामराज्य”
मृत्यु के लिए —
“राम नाम सत्य”
जैसी अभिव्यक्तियां
पग-पग पर “राम” को
साथ खड़ा करतीं हैं।
“राम” भी इतने सरल हैं कि…
हर जगह खड़े हो जाते हैं।
जिसका कोई नहीं…
उसके लिए “राम” हैं-
“निर्बल” के बल “राम”।
;जय जय श्री राम

About Mahadand News

Check Also

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कांग्रेस प्रत्याशी थी राज्य सभा के लिए,

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कांग्रेस प्रत्याशी थी राज्य सभा के लिए, भोपाल से राधावल्लभ …