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राज्यसभा सांसदों को कितनी मिलती है सैलरी, लोकसभा मेंबर्स से ज्यादा या कम? रुपए 286000

राज्यसभा सांसदों को कितनी मिलती है सैलरी, लोकसभा मेंबर्स से ज्यादा या कम? रुपए 286000

झारखंड के राज्यसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या राज्यसभा सांसदों की सैलरी लोकसभा सांसदों से ज्यादा होती है.

राज्यसभा सांसदों को कितनी मिलती है सैलरी, लोकसभा मेंबर्स से ज्यादा या कम?
राज्यसभा चुनाव 2026

दैनिक भत्ता, दिल्ली में मुफ्त आवास, यात्रा व अन्य सुविधाएँ।
झारखंड और मिजोरम में हाल ही में राज्यसभा चुनाव हुए हैं. झारखंड के राज्यसभा चुनावों ने काफी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम ने जीत हासिल की और साथ ही एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी जीत गए. INDIA गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं कांग्रेस उम्मीदवार को करारी हार का सामना करना पड़ा. इसी के साथ मिजोरम में जोरम पीपुल्स मूवमेंट ने पहली बार राज्यसभा में अपना प्रतिनिधि दिया. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या राज्यसभा सांसदों की कमाई लोकसभा सांसदों से ज्यादा होती है.

राज्यसभा और लोकसभा सांसदों के वेतन में अंतर

भारत में संसद सदस्यों के वेतन और सुविधाओं को संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम के तहत कंट्रोल किया जाता है. यही वजह है कि राज्यसभा सांसद और लोकसभा सांसद के वेतन में कोई भी अंतर नहीं होता. चाहे लोकसभा के लिए लोगों द्वारा सीधे चुने गए हों या फिर राज्यसभा के लिए अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए हों, हर सांसद को एक जैसा ही वित्तीय लाभ दिया जाता है.

सांसद का मूल वेतन

मार्च 2025 में लागू हुए संशोधन के बाद हर संसद सदस्य को ₹1,24,000 प्रति माह का मूल वेतन मिलता है. यह राशि सांसद के लोकसभा या फिर राज्यसभा किसी भी सदन का सदस्य होने पर समान मिलती है.

निर्वाचन क्षेत्र और कार्यालय भत्ते

मूल वेतन के अलावा सांसदों को अपने सार्वजनिक कामों को पूरा करने के लिए कई भत्ते भी दिए जाते हैं. जनता से संपर्क बनाए रखने पर निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े सभी कामों को संभालने के लिए ₹87,000 प्रति माह का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता दिया जाता है. इसके अलावा सांसदों को ₹75,000 प्रति माह का कार्यालय व्यय भत्ता भी मिलता है. यह रकम कार्यालय के कामकाज, कर्मचारियों के वेतन, स्टेशनरी और दूसरे प्रशासनिक खर्चों के लिए होती है.

कुल मासिक इनकम

जब मूल वेतन और निश्चित भक्तों को मिला दिया जाता है तो एक सांसद की अनुमानित मासिक आय लगभग ₹2,86,000 हो जाती हैं. इस नंबर में सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले दैनिक भत्ते, यात्रा सुविधा, आवास लाभ और दूसरी सुविधाएं शामिल नहीं हैं.

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संसदीय सत्रों के दौरान दैनिक भत्ता

संसद सदस्यों को संसदीय सत्रों या फिर समिति की बैठक में हिस्सा लेने पर अलग से दैनिक भत्ता भी दिया जाता है. अभी सांसदों को संसदीय कामकाज के दौरान हाजिरी के लिए हर दिन ₹2,500 मिलते हैं.

दिल्ली में मुफ्त रहने की सुविधा

सांसदों को मिलने वाली मुख्य सुविधाओं में से एक यह भी है कि नई दिल्ली में सरकार की तरफ से उन्हें रहने की जगह दी जाती है. अपनी पात्रता और उपलब्धता के आधार पर सांसदों को उनके कार्यकाल के दौरान दिल्ली के अच्छे इलाके में बंगला या फ्लैट दिया जाता है.

इसी के साथ संसद सदस्यों को यात्रा की भी कई सुविधाएं दी जाती हैं. वे हर साल 34 मुफ्त घरेलू हवाई यात्रा कर सकते हैं. इतना ही नहीं बल्कि भारतीय रेलवे में फर्स्ट क्लास एसी में अनलिमिटेड यात्रा का भी आनंद ले सकते हैं. सैलरी और यात्रा की सुविधाओं के अलावा सांसदों को जरूरी सेवाओं के लिए अच्छा खासा भत्ता दिया जाता है. हर सांसद को साल में 50000 यूनिट मुफ्त बिजली और 4000 किलोमीटर तक मुफ्त पानी मिलता है. इसी के साथ उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के दायरे में भी रखा जाता है. इससे उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है.

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