*हनुमना तहसील में भ्रष्टाचार के आरोप, किसान की 5 एकड़ जमीन दूसरे के नाम दर्ज होने से मचा हड़कंप*
*पटवारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, 6 महीने से कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर किसान*
प्रांतीय मीडिया प्रभारी दीप्ति कौर की रपट
हनुमना, मऊगंज
मऊगंज जिले की हनुमना तहसील इन दिनों भ्रष्टाचार और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग में भारी अनियमितताएं हो रही हैं, जहां जमीनों के रिकॉर्ड में कुछ सरफिरे पटवारी के द्वारा छेड़छाड़ कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि पटवारी और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों से मोटी रकम वसूली जा रही है, जबकि आम किसान न्याय पाने के लिए कड़ी धूप में कोर्ट और तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
इसी बीच हनुमना तहसील अंतर्गत दुगोली पटवारी हल्का से एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पटवारी द्वारा किसान उमाशंकर तिवारी की करीब 5 एकड़ जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई। जब किसान को इस गड़बड़ी की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। पीड़ित किसान अब अपनी ही जमीन वापस पाने के लिए बीते कई महीनों से तहसील और कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर है।
किसान का कहना है कि उसने कई बार संबंधित पटवारी और राजस्व अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन पटवारी के द्वारा गोल- मोल जवाब दिया जाता रहा यहां तक की पटवारी प्रतिवेदन देने के लिए पटवारी ने 3 महीने से किस को और राजस्व अधिकारी को चकमा देने से पीछे नहीं हट रही, वही किसान का कहना है कि अब तक मामले में कोई सुधार नहीं किया गया। आरोप है कि लगभग 6 महीने बीत जाने के बाद भी रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे किसान मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
अब इस पूरे मामले को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर किस आदेश, किस प्रकरण क्रमांक और किस आधार पर किसान की जमीन दूसरे के नाम दर्ज की गई? यदि यह केवल तकनीकी गलती थी, तो अब तक उसका सुधार क्यों नहीं किया गया? आखिर क्यों एक किसान को अपनी ही जमीन के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है?
mahadandnews.com mahadandnews | www.mahadandnews.com