Breaking News

*_LPG सिलेंडर की घबराहट में बुकिंग न करें, कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित: पेट्रोलियम मंत्रालय_*

*_LPG सिलेंडर की घबराहट में बुकिंग न करें, कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित: पेट्रोलियम मंत्रालय_*
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच लोगों को लग रहा है कि, ऐसे समय में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत हो सकती है. हालांकि, केंद्र ने बुधवार को साफ तौर पर कहा कि LPG की घरेलू सप्लाई की डिलीवरी में करीब ढाई दिन लगते हैं और ऐसे में लोगों से घबराहट में बुकिंग से बचने को कहा है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि एलपीजी सिलेंडर की घबराहट में बुकिंग करने की जरूरत नहीं है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए करीब 2.5 दिन का सामान्य आपूर्ति चक्र बरकरार है.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है और तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से इतर मार्गों के जरिये भी मंगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के चलते देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
सुजाता शर्मा ने LPG सप्लाई के बारे में थोड़ी जानकारी देते हुए आगे कहा कि, आज की तारीख में, हम अपनी LPG की जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करते हैं और इसका 90 प्रतिशत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता है. ऐसे में सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं.
शर्मा ने कहा, “कुछ स्थानों से घबराहट में सिलेंडर की बुकिंग और गलत सूचना के कारण जमाखोरी किए जाने की खबरें मिली हैं. मैं यह साफ करना चाहती हूं कि घरेलू एलपीजी की सामान्य आपूर्ति अवधि अब भी लगभग 2.5 दिन की है, इसलिए उपभोक्ताओं को जल्दबाजी में सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है.”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है. शर्मा ने कच्चे तेल की आपूर्ति को ‘सुरक्षित’ बताते हुए कहा, “विविध स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद किए जाने से इस समय देश को उससे अधिक मात्रा में तेल मिल रहा है, जितना सामान्य परिस्थितियों में इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग के रास्ते आता.” भारत करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है. इसकी कच्चे तेल की दैनिक खपत करीब 55 लाख बैरल है.
उन्होंने कहा कि विविध स्रोतों से खरीद किए जाने से अब देश का लगभग 70 प्रतिशत कच्चा तेल आयात ऐसे मार्गों से हो रहा है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर हैं, जबकि पहले यह अनुपात करीब 55 प्रतिशत था. शर्मा ने कहा कि फिलहाल तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के दो जहाज भारत की तरफ आ रहे हैं और अगले कुछ दिन में इनके पहुंच जाने से देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति और मजबूत होगी.
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 8 मार्च को एक आदेश जारी किया है, जिसके जरिए रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को एलपीजी उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा करने के लिए कहा गया है.
सुजाता शर्मा ने कहा, “इन कोशिशों की वजह से, हमारा घरेलू LPG प्रोडक्शन 25 प्रतिशत बढ़ गया है. यह सारा घरेलू LPG घरेलू उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि नॉन-डोमेस्टिक LPG के लिए, हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन जैसे जरूरी सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है.
शर्मा ने कहा, “ऑयल मार्केटिंग कंपनियों – IOCL, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की तीन सदस्ययी कमेटी बनाई गई है, जो रेस्टोरेंट, होटल और दूसरे कमर्शियल यूज़र्स को दिए जाने वाले अलॉटमेंट की समीक्षा करेगी. कमेटी स्टेट अथॉरिटीज और इंडस्ट्री बॉडीज से सलाह-मशविरा कर रही है ताकि एक प्लान को फाइनल किया जा सके, ताकि यह पक्का हो सके कि उपलब्ध LPG सही और पारदर्शी तरीके से बांटा जाए.”
पैनिक बुकिंग (घबराहट में बुकिंग) की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा, “फीडबैक से पता चलता है कि कुछ पैनिक बुकिंग और जमाखोरी का व्यवहार गलत जानकारी की वजह से हुआ है. घरेलू LPG की डिलीवरी के लिए हमारा नॉर्मल साइकिल लगभग ढाई दिन का होता है. कस्टमर को सिलेंडर बुक करने के लिए जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है. इसलिए, पैनिक बुकिंग की कोई जरूरत नहीं है.
उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर लेवल पर डायवर्जन को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिक सिस्टम लागू किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि एक टेम्पररी डिमांड मैनेजमेंट उपाय के तौर पर, LPG बुकिंग के बीच मिनिमम गैप को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है.
शर्मा ने आगे कहा, “आज भी, भारत में LPG की कीमत कई पड़ोसी देशों की तुलना में कम है.” समुद्री सुरक्षा पर अपडेट देते हुए, शिपिंग, पोर्ट और वॉटरवेज मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी, राजेश कुमार सिन्हा ने समुद्री सुरक्षा पर अपडेट देते हुए कहा, “भारत में कुल मिलाकर पोर्ट ऑपरेशन स्थिर हैं. सरकार नाविकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वेस्ट एशिया के हालात के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “प्रवासी की भलाई भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.”उन्होंने आगे कहा, “हमने (वेस्ट एशिया में) अपने नागरिकों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय में एक 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है.”✍🏻✍🏻

About Mahadand News

Check Also

Assamely of mp Journalist demands restoration of journalists railway concession passes and also excempted from NH toll fee.*

*Assamely of mp Journalist demands restoration of journalists railway concession passes and also excempted from …