सरकारी आवास पर अनाधिकृत कब्जे पर 30 गुना किराया देना होगा
मध्य प्रदेश में सरकारी आवास आवंटन …”भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000″ मध्य प्रदेश शासन द्वारा भोपाल में शासकीय सेवकों, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आवास आवंटित करने के लिए बनाए गए नियम हैं, जो संपदा संचालनालय के तहत संचालित होते हैं, जिसमें आवास की श्रेणियों (B, C, D, E, F, G, H, I) के आधार पर आवंटन समितियों द्वारा आवंटन किया जाता है और नियमों में समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं, जैसे कि हाल ही में अनधिकृत कब्जे पर दंडनीय किराया (पेनाल्टी) 10 गुना से बढ़ाकर 30 गुना और अवधि 3 माह से 6 माह तक की गई है,
मुख्य प्रावधान और प्रक्रिया:
संपदा संचालनालय: गृह विभाग के अधीन गठित यह कार्यालय इन नियमों का पालन करवाता है.
आवास श्रेणियाँ: आवासों को विभिन्न श्रेणियों (B, C, D, E, F, G, H, I) में बांटा गया है, जिनके लिए अलग-अलग आवंटन समितियां होती हैं, संपदा संचालनालय, मध्य प्रदेश.
पात्रता: शासकीय सेवकों के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी विशिष्ट आवास आवंटित किए जाते हैं.
संशोधन (2025): हालिया संशोधनों के अनुसार, स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति पर 6 महीने तक आवास रखने की अनुमति है, जिसके बाद किराया सामान्य दर से 10 गुना और फिर 30 गुना तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे बेदखली की कार्यवाही हो सकती है.
अनधिकृत कब्जा: अनधिकृत कब्जे पर दंडनीय दरें लागू होती हैं, जो वेतनमान और समय के आधार पर 10 गुना से बढ़कर 30 गुना तक हो सकती है ।
लाइसेंस शुल्क (किराया): आवास का किराया (लाइसेंस शुल्क) वेतनमान के आधार पर निर्धारित होता है और इसमें समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं, Indian Employees.
रखरखाव: लोक निर्माण विभाग (PWD) आवासों के रखरखाव का कार्य करता है, संपदा संचालनालय, मध्य प्रदेश.
संक्षेप में: ये नियम भोपाल में सरकारी आवासों के प्रबंधन, आवंटन और उनसे संबंधित वित्तीय और कानूनी पहलुओं को नियंत्रित करते हैं, जिसमें नियमों का पालन न करने पर कठोर दंड का प्रावधान है
दीप्ति कौर की रिपोर्ट
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