Rahul गांधी पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता : रायबरेली की स्पेशल कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की याचिका स्वीकार की
बेंगलुरु के एस विग्नेश शिशिर ने अपने आवेदन में नेता प्रतिपक्ष पर आरोप लगाया है कि उनके पास ब्रिटेन और भारत की दोहरी नागरिकता है। सांसद के पास कई फर्जी पासपोर्ट हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल ने शत्रु देश को भारत की गोपनीय सूचनाएं प्रदान की हैं।
राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता : रायबरेली की स्पेशल कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की याचिका स्वीकार की
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
रायबरेली की स्पेशल एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की याचिका स्वीकार कर ली है। बेंगलुरु के एस.विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिकता को लेकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इससे पहजे विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मुकदमा दायर किया है, जिसकी सुनवाई चल रही है
बेंगलुरु के नेहरू नगर में रहने वाले एस विग्नेश शिशिर ने अपने अधिवक्ता विंधेश्वरी पांडेय के माध्यम से एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 (4) के अन्तर्गत आवेदन प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने रायबरेली से सांसद राहुल गांधी पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अपने आवेदन में एस विग्नेश शिशिर ने नेता प्रतिपक्ष पर आरोप लगाया है कि उनके पास ब्रिटेन और भारत की दोहरी नागरिकता है। सांसद के पास कई फर्जी पासपोर्ट हैं। नेता विपक्ष के रूप में राहुल ने शत्रु देश को भारत की गोपनीय सूचनाएं प्रदान की हैं। रायबरेली सांसद बेनामी कंपनियों के मालिक हैं, जो यूनाइटेड किंगडम में हैं। विग्नेश शिशिर द्वारा फाइल की गई पिटीशन में यह भी दावा किया गया है कि मामले की अब तक ठीक से जांच नहीं हुई है, जिससे कोर्ट के दखल की जरूरत पड़ी है।
स्पेशल कोर्ट ने आवेदन स्वीकार कर रायबरेली जिले के पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले थाना को ब्रिटिश नागरिकता के मामले में अब तक की गई जांच पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी, जब पुलिस स्पेशल एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। यानी आगे की कार्रवाई विस्तृत रिपोर्ट और दोनों पक्षों की ओर से पेश की गई दलीलों पर निर्भर करेगी। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई पहले से ही जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिशिर ने कहा कि भारतीय राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई विदेशी नागरिक हमारी संसद में 20 साल से बैठा है। इस मामले में जल्द ही सुनवाई होगी और फैसला भी सुनाया जाएगा। ब्रिटिश सरकार से भी पासपोर्ट आ गया है। भारत सरकार से हमें जानकारी मिली है कि जो भी डॉक्यूमेंट न्यायालय मांगेगा या पुलिस मांगेगी, उसमें पूरी सहायता करने के लिए हम पूर्ण रूप से तैयार हैं।
अधिवक्ता विंदेश्वरी पांडेय के अनुसार, इस मामले में बहुत सारे मजबूत साक्ष्य हैं। पासपोर्ट तो एक मामला है ही, सीरीज आफ ऑफेंस भी दिए गए हैं। कोर्ट ने आर्गुमेंट सुनने के बाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज होगी या फिर समन जारी किया जाएगा।
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