*स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर ने सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान दिया*
पटियाला, से महादण्ड संवाददाता की रपट, विशेष टिप्पणी श्री सिद्दीकी भोपाल के दामाद भी है, उनकी पत्नी उजमा भोपाल मेमोरियल में जनसंपर्क अधिकारी रही हैं।
भारत और पंजाब, दोनों के लिए गर्व की बात है कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी–एल्सेवियर की वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग 2026 में प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी को दुनिया के शीर्ष शोधकर्ताओं में शामिल किया गया है। इस रैंकिंग में उन्हें विश्वभर के वैज्ञानिकों के शीर्ष 0.012 प्रतिशत में स्थान मिला है।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा तैयार और एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित यह रैंकिंग वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रभाव और महत्त्व का आकलन करने के लिए मानकीकृत उद्धरण संकेतकों (Citation Indicators) का उपयोग करती है।
प्रोफेसर सिद्दीकी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (TIET), पटियाला में वरिष्ठ प्रोफेसर तथा डीन (सस्टेनेबिलिटी एंड इम्पैक्ट) हैं। नवीनतम रैंकिंग में उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली शोधकर्ताओं में मान्यता मिली है।
यह प्रतिष्ठित मूल्यांकन इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्राकृतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के कार्यों का आकलन करता है। इसमें अनुसंधान के प्रभाव को मापने के लिए कई संकेतकों का उपयोग किया जाता है। इनमें कुल उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखकों के योगदान के अनुसार समायोजित एचएम-इंडेक्स, लेखक की स्थिति के आधार पर उद्धरण और संयुक्त उद्धरण स्कोर (सी-स्कोर) शामिल हैं।
वर्ष 2026 की करियर रैंकिंग में प्रोफेसर सिद्दीकी ने 2,43,950 वैज्ञानिकों में विश्व स्तर पर 3,003वाँ स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के शीर्ष 0.012 प्रतिशत शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं में शामिल हो गए हैं।
भवन निर्माण और निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रोफेसर सिद्दीकी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारत में प्रथम और विश्व स्तर पर सातवाँ स्थान प्राप्त किया है।
वर्ष 2019 में स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग की शुरुआत से ही वे लगातार दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिकों में शामिल रहे हैं। इस पूरी अवधि के दौरान वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.025 प्रतिशत वैज्ञानिकों में अपना स्थान बनाए रखने में सफल रहे हैं।
वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका प्रदर्शन वर्ष 2025 की तुलना में बेहतर हुआ है। वर्ष 2025 में वे वैश्विक स्तर पर शीर्ष 0.014 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल थे। यह सुधार उनके शोध योगदान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।
प्रोफेसर सिद्दीकी ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी से अपनी पीएचडी पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के विस्कॉन्सिन-मिलवॉकी विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध किया।
शिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक नेतृत्व और प्रशासन के क्षेत्र में 37 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ वे टिकाऊ निर्माण सामग्री और कंक्रीट प्रौद्योगिकी के एक अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में व्यापक रूप से जाने जाते हैं।
इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा:
“इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है और मुझे खुशी है कि मेरे कार्य को यह सम्मान मिला है। इस पेशे के प्रति मेरी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि इस क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।”
उन्होंने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 250 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और 80 से अधिक कॉन्फ्रेंस पेपर प्रस्तुत किए हैं। उनके शोध कार्यों को Google Scholar पर 35,000 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं, जबकि उनका एच-इंडेक्स 97 है।
प्रोफेसर सिद्दीकी एल्सेवियर, टेलर एंड फ्रांसिस तथा अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (ASCE) द्वारा प्रकाशित कई प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं के संपादकीय मंडलों में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
अपने करियर के दौरान वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन, मलेशिया, थाईलैंड, मैक्सिको और कई अन्य देशों के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में विज़िटिंग और आमंत्रित प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुके हैं। साथ ही, उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शोध संबंधी नियुक्तियाँ भी प्राप्त की हैं।
इस उपलब्धि का सार: प्रोफेसर रफ़ात सिद्दीकी ने अपने 37 वर्षों से अधिक के शैक्षणिक और शोध अनुभव, 250 से अधिक शोध-पत्रों तथा 35,000 से अधिक उद्धरणों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में उनका स्थान भारत, पंजाब और थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला के लिए गर्व का विषय है।
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