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*पूरे विश्व में आध्यात्म की क्रांति फैला रहा ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्थान*
माउंट आबू में आयोजित मीडिया सम्मेलन में राधावल्लभ शारदा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अध्यात्म पर अपना पूरा जीवन निर्भर है। अध्यात्म का पहला पाठ विश्वास है।
अध्यात्म कभी झूठ,फरेब,लालच, धोखाधड़ी नहीं सिखाता है बह हमेशा सही राह पर चलने की बात करता है।
स्वेत वस्त्र प्रगति का परिचायक है, इसीलिए बाबा ने स्वेत वस्त्र धारण किए।
90 वर्ष से कार्यरत बृम्हकुमारी संस्थान कार्यरत हैं। और लगभग 140 देशों में है।
जिस तरह से अध्यात्म हमें सर्व गुण संपन्न करता है उसी तरह यदि हम पत्रकारिता में हैं तो उन्हीं सब गुणों को धारण करना चाहिए।
परंतु आज की पत्रकारिता का रूप अलग ही हो गया है।
इस रूप के बदलने का कारण हम अपना धर्म भूल गये ।
सच का साथ देना परंतु भूल जाते हैं क्योंकि मीडिया संस्थानों के मालिकों द्वारा हमसे सब काम कराता है और एवज में नियुक्ति पत्र भी नहीं देता तो फिर वेतन बहुत दूर की कोडी है।
अब अहम् प्रश्न है पेट और परिवार कैसे भरेगा। इसी चिंता में पड़ कर पत्रकार सब कुछ भूल जाते हैं।
कब कहां कैसे और क्यों के – बाद निदान पर हमें मिलकर काम करना होगा
समय की पाबंदी आवश्यक है पत्रकारों के लिए यदि हम समय पर पहुंचने में देरी करते हैं तो फिर अन्य मित्र से समाचार लेंगे जो अधूरे ही रहेंगे जिससे पत्रकार की प्रतिष्ठा दांव पर लग जाती है। अतः घटना स्थल पर समय पर पहुंचना चाहिए।
आज मीडिया सशक्त नहीं है,हर वक्ता मीडिया को सशक्त बनाने की बात करता है अब प्रश्न यह है कि मीडिया संस्थानों को सशक्त बनाना है या मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को सशक्त बनाना है यदि मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को सशक्त बनाना है तो उन्हें नियुक्ति पत्र एवं मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार नियुक्ति पत्र एवं वेतन मिले का प्रयास करना होगा।
अपने लिए तो सब जीते हैं तो फिर मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों के लिए भी सरकार को जागरूक होने की आवश्यकता है नये श्रम कानून के अनुसार नियुक्ति पत्र एवं वेतन मिले।
मुझे सरकार ने मध्यप्रदेश श्रम सलाहकार परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया है तो मेरा दायित्व है कि पत्रकारों को नियुक्ति पत्र एवं वेतन मिले की लड़ाई संपादकों एवं मीडिया संस्थान के मालिकों से बुराई हो सकती है और कुछ पत्रकारों को मीडिया संस्थान के मालिकों द्वारा नोकरी से हटाया भी जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1970 में श्री राधावल्लभ शारदा ने आर टी ओ आफीस की नोकरी छोड़ कर पत्रकारिता में प्रवेश किया है तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें गांधी जी से दूरी बनानी होगी मतलब साफ है कि आर्थिक लालच में आने से परहेज़ करें।
इसी अवसर पर उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में आज से बीमा योजना शुरू कर दी है।इस बीमा योजना में पुरानी बीमारी भी कवर होती है और 50 से लेकर 80 प्रतिशत शुल्क जनसंपर्क विभाग द्वारा दी जाती है इतना ही नहीं 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले पत्रकारों की पूरी राशि सरकार द्वारा दी जाती है।
*पुनर्जन्म की बात कोई माननें को तैयार नहीं होगा* लेकिन यह धुरुभ सत्य उजागर कर रहा जिस पर विश्वास करना शयाद संभव नहीं है परंतु इतिहास के आधार पर बताने जा रहा हूं कि सर्व शक्तिमान भगवान शिव की कृपा से हम ठाकुर बंश से माहेश्वरी बने मतलब साफ है कि पुनर्जन्म होता है जन्म लेने वाले का।
*स्वेत वस्त्र प्रगति का परिचायक है, इसीलिए बाबा ने स्वेत वस्त्र धारण किए।*
90 वर्ष से कार्यरत बृम्हकुमारी संस्थान कार्यरत हैं। और लगभग 140 देशों में है।
राजस्थान की धरती से भामाशाह ने महाराना प्रताप को मुगलों से युद्ध करने के लिए आर्थिक मदद दी,उसी तरह जी डी बिड़ला ने महात्मा गांधी को अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालने के लिए महात्मा गांधी को आर्थिक मदद दी। राजस्थान की धरती से ही जस्टिस हरविलास जी सारडा ने बाल विवाह को रोकने के लिए शारदा एक्ट लागू कराया और आध्यात्म को विश्व स्तर तक पहुंचाने वाली संस्था प्रजा पिता बृम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्थान ने कार्य किया जिसका परिणाम यह है कि आज विश्व के लगभग 140 से अधिक देशों में तथा भारत के गांव गांव तक तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और लोगों को आध्यात्म से जुड़ने के लिए समर्पित भाव से प्रेरित किया जा रहा है।
बृजभूषण पटेल, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य असेंबली आफ एमपी जर्नलिस्ट्स मुख्यालय भोपाल।
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