दीप्ति कौर की रिपोर्ट
कोयला खदान मजदूरों के आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन
ठेकेदारों पर वेतन वसूली के गंभीर आरोप
सारनी। क्षेत्र के Western Coalfields Limited के पाथाखेड़ा क्षेत्र में जारी ठेका मजदूरों का अनिश्चितकालीन आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। रविवार को कई मजदूर संगठनों एवं स्थानीय समितियों ने खुलकर समर्थन दिया। आंदोलन स्थल पर श्रमिक एकता का परिचय देते हुए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों मजदूरों एवं महिला श्रमिकों ने भाग लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। महिला श्रमिकों का कहना है कि लगभग ₹14,000 वेतन मिलने के बाद उनसे ₹8,000 तक वापस लिए जाते हैं। वहीं पुरुष मजदूरों ने आरोप लगाया कि ₹18,000–₹19,000 मासिक वेतन में से भी हजारों रुपये दबाव बनाकर वसूल किए जा रहे हैं। श्रमिकों के अनुसार यह “स्वेच्छा” नहीं बल्कि नौकरी से निकालने की धमकी और भय का परिणाम है।
जीएम ऑफिस पाथाखेड़ा के एपीएम ललित प्रकाश तिर्की ने स्पष्ट किया कि हाई पावर कमेटी (एचपीसी) के नियमानुसार पूरा वेतन ठेकेदारों को दिया जाता है। यदि मजदूर स्वयं पैसे वापस करते हैं तो उसमें प्रबंधन की कोई भूमिका नहीं है।
आंदोलन को स्थानीय कोयला खदान सेवा निवृत्त कर्मचारी वेलफेयर समिति एवं पाथाखेड़ा ड्राइवर यूनियन का समर्थन प्राप्त हुआ। विभिन्न जिलों से आए यूनियन पदाधिकारियों ने स्थल पर पहुंचकर मजदूरों का हौसला बढ़ाया।
सूत्रों के अनुसार जीएम ऑफिस, अस्पताल, पार्क एवं रेस्ट हाउस में कार्यरत महिला ठेका श्रमिकों से भी इसी प्रकार की वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। मजदूरों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
समाजसेवी प्रदीप नागले, संतोष देशमुख एवं मनोज पवार ने बताया कि स्थानिक प्रबंधन एवं ठेकेदारों के साथ हुई बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकला। जब तक हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित पूर्ण वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को मजदूर अपने परिवार सहित जिला कलेक्टर से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।
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