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दिव्यांगजन क्रिकेट महोत्सव साहस,आत्मविश्वास और अटूट संकल्प का जीवन उदाहरण

*- दिव्यांगजन क्रिकेट महोत्सव साहस, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प का जीवंत उदाहरण*
*- 100 घंटे तक लगातार क्रिकेट खेलना केवल एक रिकॉर्ड नहीं, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मबल का प्रतीक*
*- हेमंत खण्डेलवाल*
भोपाल, से राधावल्लभ शारदा के साथ दीप्ति कौर की रपट
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने दिव्यांगजन क्रिकेट महोत्सव “नॉट आउट@100” के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प का जीवंत उदाहरण है। 100 घंटे के निरंतर क्रिकेट महोत्सव ने खेल जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। इस अनूठे आयोजन में दिव्यांग खिलाड़ियों ने जिस जज्बे, धैर्य और हिम्मत का प्रदर्शन किया, वह अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय है। उन्होंने कहा कि 100 घंटे तक लगातार क्रिकेट खेलना केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मबल का प्रतीक है। यह खेल महोत्सव को लिम्बा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना सभी के लिए गर्व की बात है। दिव्यांक खिलाड़ियों की प्रतिभा को दुनिया के सामने पहचान दिलाने के लिए इस तरह के आयोजन होना जरूरी हैं। समापन समारोह को मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी संबोधित किया और खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल डॉ. मंगुभाई पटेल, प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाने वाली फाल्गुनी का मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। समारोह में लिम्बा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा को इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन व आयोजन समिति के मुख्य संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने दिया। आभार श्री राममनोहर सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
*खिलाड़ियों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का कार्य है यह आयोजन*
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव जैसे आयोजन प्रतिभाशाली दिव्यांग खिलाड़ियों को उचित मंच, सम्मान और अवसर प्रदान करते हैं और खिलाड़ियों को अपनी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने का यह प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय है। प्रारंभ में जब 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलने की अवधारणा सामने आई, तो यह असंभव सा प्रतीत हुआ, किंतु खिलाड़ियों के अटूट संकल्प और आयोजकों की प्रतिबद्धता ने इसे संभव कर दिखाया। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपनी दिव्यांगता को नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को पहचानें और उसे आगे बढ़ाएं। पूरा समाज उनके साथ है और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस आयोजन से दिव्यांग प्रतिभाओं को नई पहचान और प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
*कठिन परिस्थितियों में भी सपने साकार किए जा सकते हैं*
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएं शरीर में हो सकती हैं, हौसलों में नहीं। यह आयोजन समाज को यह सशक्त संदेश देता है कि हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। महोत्सव के माध्यम से अनेक नई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज के प्रत्येक युवा को संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सपने साकार किए जा सकते हैं। जीत और हार से ऊपर उठकर खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया है। इस खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश को पूर्व में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया है। उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके परिवारजनों, प्रशिक्षकों और आयोजकों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की तथा सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और उपस्थित जनसमुदाय को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
*25 टीमें और 745 खिलाड़ियों ने की सहभागिता*
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने बताया कि 100 घंटे के इस लगातार कार्यक्रम में 25 टीमें शामिल रहीं, जिनमें 745 दिव्यांग खिलाड़ियों ने सहभागिता की। सहभागिता करने वाले खिलाड़ियों में 100 से अधिक दिव्यांग महिला खिलाड़ी शामिल रहीं, जिनमें 7 महिला ओलंपिक खिलाड़ी हैं। 32 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय और 436 राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने महोत्सव में सहभागिता की।

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