News Paper समाचार पत्रों के लिए बनी गाईड लाईन अधिकारियों की नाकामी का नमूना
प्रतिष्ठा में
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री,
नई दिल्ली
*विषय – समाचार पत्रों के लिए बनी नई गाइड लाइन में संशोधन हेतु। *अधिकारियों की लापरवाही का नमूना*
माननीय, उपरोक्त विषय में निवेदन है कि नई गाइड लाइन व्यवहारिक रूप से ठीक नहीं है इस प्रणाली से छोटे समाचार पत्रों पर आर्थिक रूप से अनावश्यक खर्च बढ़ रहा है साथ ही श्रम एवं समय भी व्यर्थ जा रहा है।
एक छोटा सा उदाहरण, मध्यप्रदेश ही नहीं देश के प्रत्येक राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों से समाचार पत्रों का प्रकाशन किया जाता है जिनकी दूरी प्रदेश की राजधानी से लगभग 1000 किलोमीटर है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यालय दिल्ली के बाद प्रदेश की राजधानी में है मध्यप्रदेश में भोपाल में ही है। इस निर्णय से लगता है कि विभाग के अधिकारियों ने कार्ययोजना तैयार करने में लापरवाही की। कार्ययोजना तैयार करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए था।
समाचार पत्र के मालिकों को अपने समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ की फोटो 48 घंटे में सूचना प्रसारण विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही सामाजिक और मासिक पत्र एवं पत्रिका को विभाग के मुख्यालय में जमा कराना होता है जिससे इन पर आर्थिक वोझ के साथ ही श्रम और समय भी नष्ट होता है।
इस प्रक्रिया में संशोधन किया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश के जनसंपर्क विभाग के कार्यालय हर जिले में है समाचार पत्रों के मालिकों को प्रति माह एक नियत दिनांक तक उसे अपने समाचार पत्रों को जमा करना होता है तब उसे नियमितता प्रमाण पत्र मिलता है।
जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी नियमितता प्रमाण पत्र को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को मान्य करने से समय, श्रम और धन का अपव्यय रुकेगा।
आप भली भांति परिचित हैं कि समाचार पत्र सरकार और आम जनता के मध्य एक सेतु का काम करता है।
अतः नियमों में संशोधन करने का अनुरोध है।
राधावल्लभ शारदा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
इंडियन फेडरेशन आफ मीडिया
प्रदेश अध्यक्ष
असेंबली आफ एमपी जर्नलिस्ट्स मुख्यालय भोपाल
9179432611
9425609484
8 जुलाई 2025
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