*मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मीडिया को दी प्रतिक्रिया*
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*- पटवारी बताएं शराब तस्करी में बार-बार कांग्रेस के नेताओं के नाम ही क्यों सामने आ रहे हैं*
*- अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कांग्रेस के खर्चों में तो नहीं हो रहा?*
*- शराब कारोबार में कांग्रेस नेताओं के नाम बार-बार आना संयोग नहीं, संरक्षण के गंभीर संकेत हैं*
*- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस वाली सरकार में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा*
*- श्री विश्वास कैलाश सारंग*
भोपाल, 02/11/2026। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देवास जिले के खातेगांव में सामने आए अवैध शराब प्रकरण को अत्यंत दुःखद एवं गंभीर बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस मामले के तार कांग्रेस नेताओं से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल की भूमिका इस पूरे मामले में सामने आई है। टिमरनी की जिस शराब दुकान से इस मामले के तार जुड़े हैं, उसमें राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल पार्टनर हैं। दुकान के मैनेजर श्री भूपेंद्र राणा ने पुलिस को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। राहुल जायसवाल कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी माने जाते हैं। श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बताएं कि शराब तस्करी में बार-बार कांग्रेस नेताओं के नाम ही सामने क्यों आ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी यह भी बताएं कि अवैध शराब के कारोबाद से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कहीं कांग्रेस के खर्चों में तो नहीं हो रहा है। शराब कारोबार में कांग्रेस नेताओं के नाम बार-बार आना एक संयोग नहीं, बल्कि संरक्षण के गंभीर संकेतत हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में भी सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। खातेगांव टीआई दिलीप पुरी ने जब चेकिंग के लिए वाहन रुकवाया, तो चालक ने उन पर ही आयशर वाहन चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
*अवैध शराब प्रकरणों में कांग्रेस नेताओं की क्या भूमिका, जवाब दे कांग्रेस पार्टी*
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि इससे पहले देवास में अवैध शराब प्रकरण में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल की संलिप्तता सामने आई थी। अब खातेगांव में सामने आए प्रकरण में हरदा के युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व खातेगांव विधानसभा के कांग्रेस प्रभारी राहुल जायसवाल और उनके भाई की टिमरनी स्थित उस शराब दुकान में पार्टनरशिप सामने आई है, जिसका नाम इस कांड में आया है। शराब दुकान के मैनेजर भूपेन्द्र राणा ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी है। पुलिस जांच कर रही है, जो भी दोषी होगा, उसे भाजपा सरकार में बख्शा नहीं जाएगा। लगातार सामने आ रहे इन मामलों में कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के नाम आना गंभीर सवाल खड़े करता है।
*अवैध कमाई से कांग्रेस का खर्चा तो नहीं चल रहा*
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े लगातार सामने आ रहे प्रकरणों से यह सवाल उठता है कि आखिर इस नेटवर्क को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्या कांग्रेस नेताओं की भूमिका के साथ यह कारोबार संचालित हो रहा है? अवैध कमाई से कांग्रेस के बिजली बिल और धरना-प्रदर्शनों का खर्च तो नहीं चल रहा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी को मौन तोड़कर प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों के नाम बार-बार अवैध शराब के मामलों से क्यों जुड़ रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व अपनी राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि तस्करी में इस्तेमाल किया गया आयशर वाहन खरगोन निवासी अकील कुरैली के नाम पर पंजीकृत पाया गया है। पुलिस वाहन के स्वामित्व और तस्करी नेटवर्क में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। आबकारी निरीक्षक के अनुसार, जब्त आयशर वाहन में ऊपर की बजाय नीचे की तरफ एक विशेष गुप्त कंपार्टमेंट बनाया गया था। इसमें अवैध रूप से शराब की 100 से 200 पेटियां ले जाई जा रही थीं। वाहन में शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध परमिट नहीं था। नियमानुसार वैध परमिट होने पर आबकारी विभाग के पास उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है, लेकिन इस वाहन में शराब का परिवहन पूरी तरह अवैध तरीके से किया जा रहा था।
मंडला से दीप्ति कौर की रपट
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