*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के पिताजी पर अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में भाजपा का पैदल मार्च, कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचकर किया प्रदर्शन*
राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करना कांग्रेस की आदत बन गई है*
*- अशोभनीय भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विरुद्ध है*
*-श्री लालसिंह आर्य*
भोपाल, 26/10/2026। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के पिताजी के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल में पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता रेडक्रॉस चौराहे से पैदल मार्च करते हुए कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री जी के परिवार के प्रति की गई टिप्पणी की निंदा की। प्रदर्शन को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लालसिंह आर्य, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवानदास सबनानी एवं जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति ने संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के पिताजी के प्रति अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन की मर्यादाओं के विपरीत है।
*अशोभनीय टिप्पणी से कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन उजागर हुआ*
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लालसिंह आर्य ने कहा कि कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन उजागर हो गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का राजनीतिक विरोध करते-करते कांग्रेस के नेता अब उनके परिवार के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणियां करने लगे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री जी के पिताजी के विरुद्ध की गई टिप्पणी राजनीतिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने शब्दों और व्यवहार से लोकतांत्रिक मूल्यों तथा राजनीतिक संवाद की गरिमा को बनाए रखें, लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में विचारों का विरोध करने, सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और राजनीतिक मतभेद व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन इन सबके बीच भाषा की मर्यादा और व्यक्तिगत सम्मान का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। किसी नेता की राजनीतिक विचारधारा या कार्यशैली से असहमति हो सकती है, लेकिन उसके परिवार के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। कांग्रेस के नेताओं को यह समझना चाहिए कि राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच स्पष्ट अंतर है। इस प्रकार की बयानबाजी से स्वस्थ राजनीतिक विमर्श को नुकसान पहुंचता है और जनता के बीच राजनीति के प्रति गलत संदेश जाता है।
*अमर्यादित बयानबाजी कांग्रेस की सोच व राजनीति आचरण को दर्शाती है*
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लालसिंह आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपना संपूर्ण सार्वजनिक जीवन राष्ट्र की सेवा, देश के विकास और जनकल्याण के कार्यों को समर्पित किया है। उनके नेतृत्व और निर्णयों पर कांग्रेस को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन राजनीतिक बहस को व्यक्तिगत टिप्पणियों तक सीमित कर देना कांग्रेस की सोच और उसके राजनीतिक आचरण पर सवाल खड़े करता है। देश की लोकतांत्रिक परंपरा में मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। राजनीतिक दलों के नेताओं को अपने वक्तव्यों के माध्यम से समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए, न कि ऐसी भाषा का प्रयोग करना चाहिए जिससे सार्वजनिक जीवन की गरिमा आहत हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस टिप्पणी पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि क्या वह अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस प्रकार के बयान को उचित मानता है। भाजपा राजनीतिक मर्यादाओं, शालीनता और लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान में विश्वास करती है तथा ऐसी अमर्यादित बयानबाजी का विरोध करती है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नीतियों, विचारों और जनहित के मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि किसी के परिवार को निशाना बनाकर। कांग्रेस को आत्ममंथन करते हुए अपने नेताओं के आचरण पर ध्यान देना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा बनी रहे और राजनीति में स्वस्थ परंपराओं को प्रोत्साहन मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, नगरनिगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री अजय पाटीदार सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मंडला से दीप्ति कौर की रपट
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