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**समाचार पत्रों के मालिकों को वार्षिक विवरणी दाखिल न करने पर लगेगा जुर्माना, प्रेस महापंजीयक ने जारी की अंतिम चेतावनी** **30 जून 2026 तक भरें Annual Statement, चूक होने पर 10 हजार रुपये से शुरू होगी दंडात्मक कार्रवाई**

भोपाल से प्रांतीय मीडिया प्रभारी दीप्ति कौर की रपट

**समाचार पत्रों के मालिकों को वार्षिक विवरणी दाखिल न करने पर लगेगा जुर्माना, प्रेस महापंजीयक ने जारी की अंतिम चेतावनी**
**30 जून 2026 तक भरें Annual Statement, चूक होने पर 10 हजार रुपये से शुरू होगी दंडात्मक कार्रवाई**

नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत प्रेस महापंजीयक भारत (Press Registrar General of India) ने प्रेस एवं आवधिक प्रकाशनों के प्रकाशकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। 5 जून 2026 को जारी इस परामर्श में स्पष्ट किया गया है कि प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण अधिनियम (Press and Registration of Periodicals Act), 2023 के तहत सभी पंजीकृत आवधिक प्रकाशनों (Periodicals) के लिए वार्षिक विवरणी (Annual Statement) ऑनलाइन दाखिल करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर संबंधित प्रकाशकों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

प्रेस महापंजीयक कार्यालय द्वारा जारी एडवाइजरी संख्या-11/2026 के अनुसार, अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रत्येक पंजीकृत प्रकाशन को अपने ऑडिटेड वार्षिक विवरणी को प्रेस सेवा पोर्टल (Press Sewa Portal-PSP) के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन जमा करना आवश्यक है। यह प्रक्रिया प्रकाशनों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

एडवाइजरी में बताया गया है कि अधिनियम की धारा 14 की उपधारा (1)(b) तथा (3) के अनुसार यदि कोई प्रकाशक संबंधित वित्तीय वर्ष समाप्त होने के एक वर्ष के भीतर आवश्यक वार्षिक विवरणी जमा नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। नियमों के अनुसार पहली बार चूक करने वाले प्रकाशक पर न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके साथ ही, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए दंड की राशि क्रमशः बढ़ती जाएगी। दूसरे वर्ष भी विवरणी जमा नहीं करने पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि प्रत्येक अगले उल्लंघन पर पिछली राशि का दोगुना दंड लगाया जा सकता है। हालांकि, कुल जुर्माने की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

प्रेस महापंजीयक कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक विवरणी अभी तक दाखिल न करने वाले प्रकाशकों को अंतिम अवसर प्रदान किया है। ऐसे सभी प्रकाशकों को 30 जून 2026 तक अपनी Annual Statement ऑनलाइन जमा करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तिथि के बाद किसी प्रकार का समय विस्तार नहीं दिया जाएगा।

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि 30 जून 2026 तक विवरणी जमा न करने वाले प्रकाशकों पर अधिनियम के प्रावधानों के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसलिए सभी प्रकाशकों को समय रहते अपनी कानूनी जिम्मेदारी पूरी करने और आवश्यक दस्तावेज प्रेस सेवा पोर्टल पर अपलोड करने की सलाह दी गई है।

यह आदेश प्रेस महापंजीयक भारत की स्वीकृति से जारी किया गया है। उप प्रेस महापंजीयक रत्नाकर पामुला द्वारा हस्ताक्षरित इस एडवाइजरी का उद्देश्य प्रकाशन क्षेत्र में नियामकीय अनुपालन को मजबूत बनाना तथा समय पर आवश्यक सूचनाओं के संकलन को सुनिश्चित करना है।

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